Friday, March 29, 2013

जननी सुरक्षा योजना का भौतिक एवं वित्तीय प्रदर्शन


ग्रामीण क्षेत्रों में 600 रुपए प्रति प्रसव
वर्ष 2005-06 से राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन (एऩआरएचएम) के तहत जननी सुरक्षा योजना (जेएसवाई) नामक राष्ट्रीय योजना चलाई जा रही है। इस योजना का उद्देश्य गर्भवती महिलाओं को संस्थागत प्रसव की व्यवस्था में सुधार कर शिशु और मातृत्व मृत्यु दर में कमी लाना है। इस योजना के तहत सभी गर्भवती महिलाओं को 8 ईएजी राज्यों (जैसे बिहार, छत्तीसगढ़, झारखंड, मध्य प्रदेश, ओडिशा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड) तथा जम्मू एवं कश्मीर और असम में उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधा केन्द्रों में प्रसव पर नकद सहायता उपलब्ध कराई जाती है। अन्य राज्यों में वैसी गर्भवती महिलाएं जो गरीबी रेखा से नीचे (बीपीएल) की श्रेणी में तथा वैसी महिलाएं जो अनुसूचित जाति (आ.जा.) तथा अनुसूचित जनजाति (आ.ज.जा.) श्रेणी में हों और उनका संस्थागत प्रसव स्वास्थ्य केन्द्र में होता है तो उन्हें शर्तानुसार नकद हस्तांतरण की सुविधा प्राप्त होगी।
वर्ष 2005-06 के अंतर्गत 7.39 लाख गर्भवती महिलाओं को इसका लाभ मिला है और जेएसवाई ने वर्ष 2011-12 में लगभग 109.37 लाख गर्भवती महिलाओं को नकद सहायता उपलब्ध कराकर एक आकर्षक सफलता अर्जित की है। इसी प्रकार इस योजना के तहत वित्तीय व्यय वर्ष 2005-06 के 38 करोड़ रूपए की तुलना में कई गुना बढ़कर वर्ष 2011-12 में 1,552.85 करोड़ रुपए हो गया है।
जेएसवाई का भौतिक एवं वित्तीय प्रदर्शन इस प्रकार रहा-
वर्ष
लाभार्थियों की संख्या
(लाख में)
व्यय
(करोड़ में)
2005-06
7.39
38. 29
2006-07
31.58
258. 22
2007-08
73.29
880. 17
2008-09
90. 37
1241. 33
2009-10
100.78
1473.76
2010-11
106.96
                1618.39
2011-12
109.37
1606.18
2012-13
80.68*
1155.00*
*वर्ष 2012-13 के दिसंबर, 2012 तक भौतिक एवं वित्तीय उपलब्धि।
सामुदायिक भागीदारी बढ़ाने के लिए इस पहल ने समुदाय आधारित स्वास्थ्य स्वयं सेवकों की पहचान की है, जिसमें एएसएचए (मान्यता प्राप्त सामाजिक स्वास्थ्य कार्यकर्ता) हैं, वे स्वास्थ्य प्रणाली और समुदायों के बीच एक कड़ी का काम करेंगी। देश में 8 लाख से ज्यादा एएसएचए स्वयं सेवक कार्य कर रहे हैं। इस योजना को बढ़ावा देने के लिए हाल ही में एएसएचए कार्यकर्ताओं की निष्पादन आधारित प्रोत्साहन राशि में वृद्धि की गई है, जो निम्नलिखित है-
·        ग्रामीण क्षेत्रों में 600 रुपए प्रति प्रसव। जन्मपूर्व घटक के लिए 300 रुपए (कम से कम 3 एएनसी) तथा 300 रुपए संस्थागत प्रसव की सुविधा प्रदान करने के लिए ]
·        शहरी क्षेत्रों में 400 रुपए प्रति प्रसव। जन्मपूर्व घटक के लिए 200 रुपए (कम से कम 3 एएनसी) तथा 200 रुपए संस्थागत प्रसव की सुविधा प्रदान करने के लिए ]
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मीणा/आनन्द/शदीद-1626

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